असम : राम मंदिर का जश्न मना रहे बजरंगदल कार्यकर्ताओं से जिहादियों ने की हिंसक झड़प

असम के सोनितपुर जिले में थेलामारा और ढेकियाजुली पुलिस स्टेशनों के अधिकार क्षेत्र में आने वाले क्षेत्रों में सीआरपीसी की धारा 144 के तहत अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लगाया गया है और प्रतिबंधात्मक आदेश लागू किए गए हैं।

अयोध्या में श्रीराम मंदिर भूमि पूजन समारोह को लेकर दो समुदायों के बीच बुधवार (अगस्त 05, 2020) रात 10 बजे के करीब हुई झड़प में कई लोगों के घायल होने के बाद 5 अगस्त (बुधवार) की रात से ही कर्फ्यू लगा दिया गया है।

बताया जा रहा है कि जब भूमिपूजन की ख़ुशी में स्थानीय बजरंगदल के कार्यकर्ताओं ने नजदीकी शिव मंदिर तक ‘जय श्रीराम’ के नारे लगाते हुए रैली निकाली। इसी रास्ते के बीच एक जिहादी समुदाय की बस्ती भी पड़ती है। यहाँ पर जिहादी युवकों, जिनमें कथित तौर पर बांग्लादेशी भी शामिल थे, ने उन्हें धार्मिक नारे लगाने और डीजे बजाने से भी रोका।

यही नहीं, पाकिस्तान के समर्थन में भी नारे लगाए गए और बजरंगदल के कार्यकर्ताओं के साथ झड़प शुरू कर दी और उनके वाहनों को क्षतिग्रस्त भी करना शुरू कर दिया। मुस्लिम युवकों ने बजरंगदल के करीब 25 कार्यकर्ताओं को बंधक भी बना दिया और पुलिस अधिकारियों तक को वहाँ पहुँचना पड़ा।

सोनितपुर में इस झड़प में बजरंग दल कार्यकर्ता, विश्व हिन्दू परिषद और राम सेना के तकरीबन 12 घायल हो गए जबकि, कई बाइक और चौपहिया वाहन जल गए हैं। संघर्ष में सोनितपुर के उपायुक्त (डीसी) मानवेंद्र प्रताप सिंह का वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गया।

रिपोर्ट्स के अनुसार, जिला मजिस्ट्रेट मानवेन्द्र प्रताप ने कहा कि थलपारा और ढेकियाजुली पुलिस थानों के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र ‘गोरूडूबा और भारहिंगोरी’ वर्तमान परिस्थितियों के कारण कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए कड़ी निगरानी रखी जा रही है।

परिस्थितियों को देखते हुए सेना ने जिला प्रशासन के अनुरोध पर बृहस्पतिवार (अगस्त 06, 2020) को अशांत इलाकों में फ्लैग मार्च किया। जिले के थेलामारा और ढेकियाजुली पुलिस थानों के अधिकार क्षेत्र में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लगाया गया है।

सोनितपुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नुमल महता ने कहा कि पहले ही दो व्यक्तियों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। कल रात से किसी भी अप्रिय घटना की कोई रिपोर्ट नहीं थी और स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है।

बजरंग दल कार्यकर्ताओं की रैली पर विशेष समुदाय ने जताई आपत्ति

दरअसल, बुधवार को अयोध्या में श्रीराम मंदिर के भूमि पूजन समारोह का जश्न मनाने के लिए बाइक रैली का आयोजन करने वाले बजरंग दल के कार्यकर्ताओं पर हमला करने के बाद असम में तनाव बढ़ गया।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार, “स्थानीय लोगों ने अपने क्षेत्र में जोर से संगीत बजाने वाले लोगों पर आपत्ति जताई। उन्होंने यह भी पूछा कि जब लोग COVID​​-19 महामारी से लड़ रहे थे, तो रैली का आयोजन क्यों किया गया? इससे बहस शुरू हुई, जो अंततः भयानक हिंसक झड़प में तब्दील हो गई।”

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर पहुँचे सोनितपुर जिले के उपायुक्त मानवेन्द्र प्रताप सिंह पर भी दोनों समूहों द्वारा कथित तौर पर हमला किया गया था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि झड़प के साम्प्रदायिक टकराव में बदलने के बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने पहले लाठीचार्ज किया और फिर हवा में गोलीबारी की।

सिंह ने कहा कि वाहनों के जलने पर वहाँ अतिरिक्त पुलिसबल तैनात किया गया। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। इस बीच, जिला मजिस्ट्रेट कीर्ति जल्ली ने कहा कि चरमपंथी तत्वों को बांग्लादेश से कछार तक जाने से रोकने और कानून और व्यवस्था को सुनिश्चित करने के लिए धारा 144 लगाई गई है।

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