CM विजयन के साथ मेरा ‘कैजुअल’ रिलेशन : केरल सोना तस्करी में स्वप्ना सुरेश ने NIA के सामने कबूला

केरल में सोना तस्करी मामले की जाँच NIA ने अपने हाथों में ले रखी है। इस मामले में आरोपित स्वप्ना सुरेश ने स्वीकार किया है कि केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के साथ उनके ‘कैजुअल रिलेशन्स’ हैं। दोनों की साथ में कई तस्वीरें वायरल होने के बाद से ही ये सवाल उठ रहे थे।

इस मामले में कोच्चि स्थित NIA कोर्ट में सुनवाई चल रही है, जहाँ जाँच एजेंसी ने स्वप्ना सुरेश की जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा कि केरल के मुख्यमंत्री विजयन के मुख्य सचिव रहे एम शिवशंकर ने ही स्वप्ना सुरेश को बढ़ावा दिया था। अब इस मामले की अगली सुनवाई सोमवार (अगस्त 10, 2020) को होगी। स्वप्ना सुरेश पहले तिरुवनंतपुरम में UAE की काउंसलेट के रूप में कार्यरत थी।

5 जुलाई को तिरुवनंतपुरम इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर 30 किलो सोने की खेप जब्त की गई थी, जिसे डिप्लोमेटिक बैगेज के अंदर डाल कर तस्करी के लिए ले जाया जा रहा था। NIA ने बताया है कि इसके बाद स्वप्ना सीधा एम शिवशंकर के फ्लैट पर पहुँची थी और इस मामले में हस्तक्षेप करने को कहा था। हालाँकि, उस समय उन्होंने कोई मदद नहीं की। NIA की तरफ से असिस्टेंट सॉलिसिटर जनरल पी विजय कुमार ने दलीलें पेश की।

उन्होंने स्वप्ना के बयान के हवाले से बताया कि वो कभी-कभी शिवशंकर से सलाह-मशविरा करती रहती थी। साथ ही उसके 31 पेज के बयान में मुख्यमंत्री विजयन के साथ ‘कैजुअल सम्बन्ध’ होने की बात भी स्वीकार की है। हालाँकि, स्वप्ना के वकील का कहना है कि उनके क्लाइंट ने ये कभी कबूल नहीं किया है कि मुख़्यमंत्री कार्यालय में वो प्रभाव रखती थी। उन्होंने कहा कि NIA कह रही है कि स्वप्ना सीएम को जानती थी, लेकिन इससे कुछ भी साबित नहीं होता।

स्वप्ना सुरेश के वकील का कहना है कि उनकी क्लाइंट के पास से जो सोना जब्त किया गया, वो उन्हें शादी फंक्शन के लिए मिला था। उन्होंने कहा कि हिन्दू परिवारों में ये सब चलता है। उन्होंने कहा कि अगर ये गोल्ड बार होता तब स्थिति अलग होती, लेकिन फ़िलहाल इस मामले में कुछ भी गलत साबित नहीं होता।

बता दें कि तिरुवनंतपुरम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एयर कार्गो के माध्यम से यूएई (संयुक्त अरब अमीरात) से आए एक राजनयिक के सामान से 30 किलोग्राम सोना जब्त किया गया था। इसका मूल्य लगभग 15 करोड़ रुपए बताया जा रहा है। इसके बाद उस व्यक्ति सरित कुमार को कस्टम विभाग ने हिरासत में ले लिया। पूछताछ में सरित ने बताया कि वह लगभग एक साल से हवाई अड्डे से इस तरह का सामान ले जा रहा था।


केरल सोना तस्करी मामले PFI वाला मो. अली गिरफ्तार, प्रोफेसर के हाथ काटने में भी रहा है वो आरोपित

August 3, 2020

केरल के सोना तस्करी मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने बड़ा कदम उठाया है। काफी दिनों से चल रहे इस मामले में कुल 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा 6 अलग-अलग स्थानों पर खोजबीन जारी है।

गिरफ्तार किए गए 6 लोगों में एक मोहम्मद अली नाम का व्यक्ति भी है। नाम से आम आरोपितों की तरह यह भी एक आरोपित है। लेकिन थोड़ा सर्च करने पर आप पाएँगे कि यह वही मोहम्मद अली है, जो 2010 में केरल में हाथ काटने के प्रकरण का भी आरोपित रह चुका है।

तब अली पर आरोप लगा था कि उसने प्रोफेसर टीजे जोसेफ का दाहिना हाथ काट डाला था। क्यों? क्योंकि प्रोफेसर ने पैगंबर पर सवाल उठाए थे। हालाँकि साल 2015 में वह इस मामले से बरी हो गया था। इतना ही नहीं मोहम्मद अली पॉपुलर फ्रंट ऑफ़ इंडिया का सदस्य भी है।

सोना तस्करी मामले से संबंधित गिरफ्तारी में तिरुवनंतपुरम स्थित यूएई के वाणिज्य दूतावास में मौजूद राजनयिक भी मददगार साबित हुए। इस मामले में अभी तक एनआईए ने कुल 10 लोगों को गिरफ्तार किया है।

जानकारी के मुताबिक़ एनआईए ने 2 अगस्त के दिन कुल 6 अलग-अलग जगहों पर छापे मारी अभियान चलाया। इसमें एर्नाकुलम में जलाल एएम तथा राबिन्स हमीद के घर और मालापुरम में रमीज़ केटी, मोहम्मद शफी, सईद अलवी और अब्दु पीटी के घर शामिल हैं।

एनआईए के प्रवक्ता ने भी इस मामले पर जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि 30 जुलाई के दिन रमीज़ केटी के अलावा दो आरोपितों को गिरफ्तार किया गया था। इनमें एर्नाकुलम का जलाल एएम और मालापुरम का सईद अल्वी शामिल है।

इसके अलावा NIA ने बताया कि 31 जुलाई के दिन भी इस मामले में दो आरोपितों को गिरफ्तार किया गया था। जिसमें मालापुरम के मोहम्मद शफी पी और अब्दुल पीटी शामिल हैं। प्रवक्ता ने यह भी बताया कि इसके बाद 1 अगस्त के दिन दो और आरोपितों को गिरफ्तार किया गया था। यह दोनों भी एर्नाकुलम के ही रहने वाले मोहम्मद अली इब्राहिम और मोहम्मद अली शामिल हैं।

अभी तक की जांच के दौरान एनआईए को यह पता चला कि यह सभी षड्यंत्र में शामिल थे। यह तिरुवनंतपुरम में रमीज केटी से तस्करी किया गया सोना लेने गए थे। इसके बाद उनकी योजना इस सोने को जलाल एएम की मदद से बाँटने की थी।

एनआईए के प्रवक्ता ने यह भी बताया कि तलाशी के दौरान उन्हें दो हार्ड डिस्क, एक टैबलेट कंप्यूटर, 8 मोबाइल फोन, 6 सिम कार्ड, 1 डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर और कुल 5 डीवीडी बरामद हुई। इतनी चीज़ों के अतिरिक्त बैंक पासबुक, क्रेडिट/डेबिट कार्ड, पहचान पत्र समेत कई अहम दस्तावेज़ भी बरामद किए गए। मामले में अभी तक मुख्य आरोपति सरिता पीएस, स्वप्ना सुरेश और संदीप नायर समेत कुल 10 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

ख़बरों की मानें तो खाड़ी देशों से केरल में सोना की तस्करी किए जाने के मामले में भले सबकी नज़र आरोपित स्वप्ना सुरेश और संदीप नायर पर है। लेकिन NIA इस मामले में पाँचवे आरोपित रमीज़ को पूरे प्रकरण की अहम कड़ी मान कर चल रहा है। ये मामला डिप्लोमेटिक बैगेज में सोना तस्करी का है।

इसके पहले एनआईए ने प्रमुख संदिग्ध स्वप्‍ना सुरेश सहित चार लोगों के खिलाफ एक FIR दर्ज की थी। जांच एजेंसी की तरफ से जारी एक बयान में कहा गया था कि केरल सोना तस्करी मामले में गैर कानूनी गतिविधि (निवारक) अधिनियम, 1967 की धारा 16, 17 और 18 के तहत चार आरोपितों– पीएस सरित, स्वप्‍ना प्रभा सुरेश, फाजिल फरीद और संदीप नायर के खिलाफ त्रिवेंद्रम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से पाँच जुलाई को कस्टम (प्रीवेंटिव) कमिशनरेट, कोचीन द्वारा 14।82 करोड़ रुपए मूल्य के 24 कैरेट के 30 किलोग्राम सोने की बरामदगी के सिलसिले में एक प्राथमिकी दर्ज की गई थी।


केरल सोना तस्करी का आतंकी कनेक्शन ? रमीज़ से पूछताछ में हो सकते हैं कई खुलासे

July 26, 2020

केरल में खाड़ी देशों से सोना की तस्करी किए जाने के मामले में यूँ तो सबकी नज़र आरोपित स्वप्ना सुरेश और संदीप नायर पर है लेकिन NIA इस मामले में पाँचवे आरोपित रमीज़ को पूरे प्रकरण की अहम कड़ी मान रहा है और उससे पूछताछ में कई राज़ खुलने की सम्भावना है। ये मामला डिप्लोमेटिक बैगेज में सोना तस्करी का है। मल्ल्पुरम के रमीज़ केटी से पूछताछ में पता चलेगा कि इसका आतंकियों और आतंकी संगठनों से क्या सम्बन्ध है।

पिछले सप्ताह NIA कोर्ट में इस सम्बन्ध में रिपोर्ट पेश की गई है और उसमें भी इस ओर इशारा किया गया है। संदीप नायर ने भी रमीज़ की गैर-क़ानूनी गतिविधियों के बारे में जानकारी दी। ये ऐसी गतिविधियाँ हैं, जिसका सीधा सम्बन्ध देश की सुरक्षा व्यवस्था से हो सकता है, इसीलिए ये मामला अब संवेदनशील हो गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस एंगल से जांच की जा रही है। जून 21 को फाइल की गई रिपोर्ट में NIA ने रमीज़ को इस मामले का किंगपिन बताया है।

रमीज़ ने संदीप से कहा था कि लॉकडाउन के समय ज्यादा से ज्यादा सोना तस्करी की जाए क्योंकि उसका मानना था कि इस अवधि में सुरक्षा-व्यवस्था भी उतनी चुस्त नहीं होगी और देश की वित्तीय स्थिति भी कमजोर हो रही होगी। रमीज़ हमेशा अपने साथियों के साथ चलता है और देश-विदेश में कई लोगों से उसका सम्बन्ध हैं। एक वरिष्ठ ख़ुफ़िया अधिकारी का कहना है कि बार-बार विदेश यात्रा के कारण रमीज़ पहले से ही राडार पर था।

कस्टम एजेंसियों के अलावा कई विभाग ऐसे होते हैं, जो बार-बार विदेश यात्रा करने वालों के डिटेल्स मेंटेन करते हैं। सामान्यतः रमीज़ 2 महीने के लिए दुबई जाया करता था और फिर कुछ दिनों के लिए केरल वापस लौटता था। वो विजिटिंग वीजा लेकर दुबई में रुकता था। वो बिजनेस का बहाना बना कर वहाँ जाता था लेकिन जांच में पता चला है कि वहाँ न तो उसका कोई बिजनेस है और न ही वो वहाँ कोई नौकरी करता है।

रमीज़ काफी पहले से ही सोना तस्करी में लिप्त रहा है। जब वो 20 साल का था, तभी उस पर कार्गो के जरिए सोना तस्करी के आरोप लगे थे। यूएई में भी उसकी गतिविधियों की जांच हो रही है। वो अकेला ऐसा व्यक्ति था, जिसे सोना तस्करी के इस प्रकरण में अरब देशों से लेकर केरल तक इसमें लिप्त हर एक व्यक्ति के बारे में जानकारी थी। अगर सोना-तस्करी का फण्ड राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में जा रहा था तो रमीज़ इसकी अहम कड़ी था।

NIA जल्द ही ट्रायल कोर्ट में अर्जी देकर रमीज़ को कस्टडी में लेने की माँग करेगा। वो फ़िलहाल कस्टम कस्टडी में है, जो मंगलवार (जुलाई 28, 2020) को खत्म हो जाएगा। वालायार में हिरण का शिकार करने के मामले में फॉरेस्ट विभाग भी उसे कस्टडी में लेने का प्रयास कर रहा है। साथ ही प्रवर्तन निदेशालय भी उसे कस्टडी में लेना चाहता है। अब देखना है कि इस मामले के तार कहाँ-कहाँ जुड़ते हैं।

इधर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने सनसनीखेज सोने की तस्करी मामले की मुख्य आरोपित स्वप्ना सुरेश के पास से 1 करोड़ रुपए नकद और लगभग 1 किलो सोना बरामद किया है। NIA ने कहा कि तिरुवनंतपुरम में फेडरल बैंक में स्वप्ना सुरेश के बैंक लॉकर में लगभग 36.5 लाख रुपए पाए गए। एजेंसी ने यह भी कहा कि स्वप्ना से संबंधित एसबीआई लॉकर में लगभग 64 लाख रुपए नकद और 982.5 ग्राम सोने के आभूषण बरामद किए। प्रवर्तन निदेशालय (ED) और आयकर विभाग से सोना और पैसा जब्त करने के लिए कहा गया है।


सोना तस्करी : केरल के वामपंथी मंत्री साथ 16 कॉल, मुख्यमंत्री विजयन से पूछताछ की माँग

July 20, 2020

5 जुलाई को तिरुवनंतपुरम हवाई अड्डे से 30 किलोग्राम सोना जब्त होने के बाद से केरल सोना तस्करी कांड गर्माया हुआ है। रिपोर्ट्स के अनुसार, UAE के डिप्लोमैटिक मिशन के कुछ कर्मचारियों की मदद से जुलाई 2019 से लेकर अब तक कम से कम 300 किलोग्राम सोने की तस्करी हुई। इसे 13 खेप में बिना जांच के पास किया गया। इनमें से कुछ का वजन 70 किलो तक भी था।

अब इसी के मद्देनजर वरिष्ठ कॉन्ग्रेस नेता रमेश चेन्निथला ने रविवार (जुलाई 19, 2020) को इस मामले में सीएम पिनराई विजयन से पूछताछ करने की मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि सोने की तस्करी के सनसनीखेज मामले में मुख्यमंत्री कार्यालय की भूमिका की जांच होनी चाहिए और सीएम पिनराई विजयन से भी पूछताछ होनी चाहिए।

विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष ने भी सोने की तस्करी के मामले में मीडिया से बात करते हुए सीएम कार्यालय पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इस मामले में मुख्य आरोपित के साथ सीएम कार्यालय के उच्चाधिकारियों के शामिल होने की खबरें सामने आने के बाद कार्यालय की अक्षमता और वहाँ फैला भ्रष्टाचार उजागर हो गया है।

हिंदुस्तान की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि इस मामले पर आगे की जांच के लिए कुछ कार्यक्रमों की जांच हो रही है। एनआईए ने भी 4 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है और सीमा शुल्क ने भी अब तक 13 लोगों को गिरफ्तार किया है। अब इन लोगों से पूछताछ के बाद जिन लोगों के नाम सामने आए, उन्हें भी जल्द सूचित किया जाएगा।

गौरतलब है कि इससे पहले भी 5 जुलाई को मामले के खुलासे के बाद इस केस में पिनराई विजयन का कार्यालय शक के घेरे में आया था। बताया जा रहा था कि ‘डिप्लोमेटिक इम्युनिटी’ का सहारा लेकर सोने की तस्करी की गई और साथ ही एयरपोर्ट से भी इस सोने को पास कराने के लिए इसके सहारा लिया गया।

सोने की इस तस्करी में स्वप्ना सुरेश नामक अधिकारी का नाम आया था और स्वप्ना का नाम आते ही उसके फोन कॉल्स से यह खुलासा हुआ था कि वह सुरेश और पीआर सरिथ राज्य के बड़े नेताओं से लगातार संपर्क में थी।

इसके अलावा वह केरल के उच्च शिक्षा मंत्री केटी जलील से भी टच में थी। केरल के उच्च शिक्षा मंत्री और CPI (M) नेता केटी जलील और आरोपित स्वप्ना सुरेश के बीच कॉल डेटा रिकॉर्ड से पता चला था कि दोनों के बीच 16 कॉल किए गए थे और वह निरंतर सम्पर्क में थे।

बता दें कि स्वप्ना सुरेश केरल गोल्ड तस्करी केस की प्रमुख आरोपित है। इससे पहले, NIA ने UAE से दुबई में रहने वाले तीसरे आरोपित फैसल फरीद के प्रत्यर्पण की मांग की थी। NIA ने यह भी दावा किया था कि सोने की तस्करी आतंकी गतिविधियों की फंडिंग के लिए की जा रही थी।


आतंकी फंडिंग के लिए केरल में लाया गया सोना ? NIA ने दर्ज किया मामला

July 11, 2020

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने केरल में बड़े पैमाने पर सोना तस्करी को देश की सुरक्षा और आर्थिक स्थायित्व पर खतरा बताते हुए आतंकी कार्रवाई करार दिया है। गृह मंत्रालय से हरी झंडी मिलने के बाद NIA ने गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम कानून (UAPA) की आतंकवाद से जुड़ी धाराओं के तहत FIR दर्ज की है।

NIA ने प्रमुख संदिग्ध स्वप्‍ना सुरेश सहित चार लोगों के खिलाफ एक FIR दर्ज की। जांच एजेंसी की तरफ से जारी एक बयान में कहा गया है कि केरल सोना तस्करी मामले में गैर कानूनी गतिविधि (निवारक) अधिनियम, 1967 की धारा 16, 17 और 18 के तहत चार आरोपितों– पीएस सरित, स्वप्‍ना प्रभा सुरेश, फाजिल फरीद और संदीप नायर के खिलाफ त्रिवेंद्रम अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डे से पाँच जुलाई को कस्टम (प्रीवेंटिव) कमिशनरेट, कोचीन द्वारा 14.82 करोड़ रुपए मूल्य के 24 कैरेट के 30 किलोग्राम सोने की बरामदगी के सिलसिले में एक प्राथमिकी दर्ज की गई है।

इसके साथ ही स्वप्ना सुरेश की अग्रिम जमानत याचिका पर केरल उच्च न्यायालय ने मंगलवार तक सुनवाई स्थगित कर दी है। केंद्र सरकार के वकील रवि प्रकाश ने अदालत से NIA एक्ट की धारा 21 का जिक्र करते हुए कहा, “चूँकि इसकी जांच एनआईए कर रही है, इसलिए उच्च न्यायालय जमानत याचिका पर विचार नहीं कर सकता है और मामले को विशेष अदालत द्वारा निपटाया जाना चाहिए।” वहीं, एनआईए ने भी इस मामले में अग्रिम जमानत याचिका का विरोध किया है।

सीजीसी ने कहा कि जांच के लिए स्वप्ना सुरेश से हिरासत में पूछताछ आवश्यक थी। वहीं कस्टम्स को सोर्स के जरिए जानकारी प्राप्त हुई कि तीन व्यक्ति, पी आर सरित, संदीप नायर और स्वप्ना सुरेश ने डिप्लोमैटिक अधिकारों का दुरुपयोग करते हुए सोने की तस्करी में शामिल थे।

बता दें कि तिरुवनंतपुरम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एयर कार्गो के माध्यम से यूएई (संयुक्त अरब अमीरात) से आए एक राजनयिक के सामान से 30 किलोग्राम सोना जब्त किया गया था। इसका मूल्य लगभग 15 करोड़ रुपए बताया जा रहा है।

इसके बाद उस व्यक्ति सरित कुमार को कस्टम विभाग ने हिरासत में ले लिया। पूछताछ में सरित ने बताया कि वह लगभग एक साल से हवाई अड्डे से इस तरह का सामान ले जा रहा था। सरित ने बताया कि उनकी एक सहयोगी केरल सरकार के आईटी विभाग की एक कर्मचारी है जिसका नाम स्वप्ना सुरेश है। सुरेश से पूछताछ करने के लिए जब विभाग हरकत में आया तो पता चला कि वो सामान खोले जाने के एक दिन पहले से लापता है।

सीजीसी ने आगे कहा कि सरित और संध्या (संदीप नायर की पत्नी) के बयान, सीमा शुल्क अधिनियम की धारा 108 के तहत दर्ज किए गए हैं। इन बयानों से पता चला कि स्वप्ना सुरेश सामान की डिलीवरी के लिए राजनयिक कागजात की व्यवस्था करने में शामिल थी।

स्वप्ना सुरेश के साथ मुख्यमंत्री के विजयन के नजदीकी को लेकर केरल में राजनीतिक घमासान मचा हुआ है। विपक्ष मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहा है। एनआइए के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि इतनी बड़ी मात्रा में सोना तस्करी सीधे तौर पर देश की आर्थिक स्थिरता पर हमले की कोशिश है। साथ ही इसका उपयोग आतंकी फंडिंग के लिए किए जाने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है।

मामला खुलने के बाद केरल के प्रमुख सचिव एम शिवशंकर को पद से हटा दिया गया है। स्वप्ना, एम शिवशंकर की करीबी है। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री कार्यालय व सरकार के वरिष्ठ अधिकारी पूरे मामले को रफा-दफा करने के लिए कस्टम के अधिकारियों पर दबाव बना रहे थे।

गौरतलब है कि मामले में सरित को भी गिरफ़्तार कर लिया गया है। केरल भाजपा अध्यक्ष के सुरेंद्रन का कहना है कि मुख्यमंत्री कार्यालय से कस्टम अधिकारियों को फोन कॉल्स किए गए ताकि जांच रोकी जा सके। उनका कहना है कि ये फोन कॉल मुख्यमंत्री के किसी क़रीबी ने ही किया था। CM विजयन ने इसे एक ‘बेहूदा’ आरोप करार दिया। उन्होंने कहा कि संदिग्ध बैकग्राउंड वाले लोगों को सीएमओ में कोई काम दिया ही नहीं जाता है।

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