कोरोना वायरस से बचने हेतु तुलसी, काली मिर्च, सोंठ और पिप्पली के मिश्रण का उपयोग करें – आयुष मंत्रालय

हमारे प्राचीन ऋषी-मुनियों द्वारा तयार हुआ आयुर्वेद कितना परिणामकारक है, यह इससे सिद्ध होता है ! – सम्पादक, हिन्दुजागृति

मेरठ – कोरोना वायरस भारत पहुंच चुका है। केरल में एक व्यक्ति में इसकी पुष्टि हुई है। हमला लगातार बढता जा रहा है। इसका खतरा चारों तरफ मंडराने लगा है, लिहाजा सरकार लगातार एहतियात और सावधानी बरतने की अपील कर रही हैं। केंद्रीय आयुष मंत्रालय ने भी इससे बचाव के लिए सलाह जारी की है। विभाग के अनुसार, समय रहते बचाव कर लिया जाए तो गंभीर परिणामों से बचा जा सकता है। आयुष मंत्रालय के अनुसार तुलसी, काली मिर्च, सोंठ और पिप्पली जैसी आयुर्वेदिक जडी-बूटियां लोगों का बचाव कर सकती हैं।

  • पिप्पली, काली मिर्च और सोंठ का 5 ग्राम पाउडर और तुलसी की 3 से 5 पत्तियों को 1 लीटर पानी में तब तक उबालें, जब तक पानी आधा लीटर न हो जाए। इसके बाद पानी को एक बोतल में भरकर रख लें और धीरे-धीरे पिएं।
  • शेषमणि वटी 500 मिलीग्राम रोजाना दिन में 2 बार ले सकते हैं। इसके लिए पहले डॉक्टर से कंसल्टेशन लिया जा सकता है।
  • तिल का तेल भी कोरोना से बचाव कर सकता है। इसकी दो बूंद नाक में सुबह डेली लगाई जानी चाहिए।
  • आर्सेनिकम एल्बम 30 होमियोपैथी दवाई है। इससे कोरोना वायरस इंफेक्शन से बचाव किया जाता है।
  • अगस्त्य हरितकी 5 ग्राम, दिन में दो बार गर्म पानी के साथ लें।
  • समशामणि वटी 500 मिलीग्राम दिन में दो बार लें।
  • बेहिदाना (सिदोनिया ओबलोंगा) 3 ग्राम, उनाब जजिफिस (जुज्यूब लिन) 5 नग, सैपिस्तां (कॉर्डिया माइक्सा लिन) 7 नग को 1 लीटर पानी में आधा होने तक उबालकर काढ़ा तैयार करें। इसे बोतल में भरकर आवश्यकता पड़ने पर धीरे-धीरे पीना चाहिए।

होम्योपैथी पद्धति को लेकर मंत्रालय ने गाइडलाइन जारी की है। अगर दिक्कत है तो डॉक्टर से पूछकर डोज तैयार कराई जा सकती हैं। बीमारी से पहले इससे बचाव किया जा सकता है। ये रोग प्रतिरोधक शक्ति मजबूत करती र्है।

ये बरतें सावधानी

  • हाथों को साफ रखें, हाथ मिलाने की बजाय हाथ जोडकर अभिवादन करें।
  • मास्क पहनें और बाहर का खान-पान एवॉयड करे।
  • हर तरह के जानवरों से दूर रहने की कोशिश करें।
  • कच्चा या अधपका मांस न खाए।
  • सर्दी होने की स्थिति में नाक पर कपडा या टिशू रखें।
  • बातचीत करते हुए पर्याप्त दूरी बनाएं।
  • भीड-भाड वाली जगहों पर जाने से बचें।

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