राजस्थान : गायों ने दिया किसानों को रोजगार, विदेशों में बढी गौमूत्र की मांग

एशिया की सबसे बडी पथमेडा गौशाला ने आसपास के किसानों को गौमूत्र के माध्यम से रोजगार दे रखा है ! किसान गौमूत्र इकठ्ठा करके इन गौशालाओं में बेचते है !

जयपुर : गाय को लेकर राजस्थान में हमेशा से ही राजनीति होती रही है ! पिछले चार-पांच सालों में गौ-तस्करी और गौ-सरंक्षण का मुद्दा प्रदेश से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक उठा है। इसी बीच अब गौ उत्पादों की मांग में लगातार बढोतरी हो रही है। गौ संरक्षण और गौ उत्पादों को बढावा देने के लिए राज्य सरकार ने अलग से गोपालन निदेशालय बनाने के बाद अब गौमूत्र के एक्सपोर्ट को बढावा देने का निर्णय लिया है !

राज्य की प्रमुख गौशालाओं के गौमूत्र के दाम में अचानक दो से तीन गुना तक तेजी आई है ! हालात यह हो गए कि, गौमूत्र दूध से अधिक महंगा बिक रहा है ! गौमूत्र और इससे बननेवाली औषधियां बाजार में खूब बिक रही है। विदेशों में भी इनकी मांग बढी है !

प्रदेश की प्रमुख गौशालाओं का गौमूत्र १३५ से १४० रूपए प्रति लीटर बिक रहा है,जबकि, दूध की कीमत ४५ से ५२ रूपए प्रति किलो है। गौमूत्र के सेवन में लोगों की दिलचस्पी इतनी बढी है ! राज्य के बडे शहरों में गौ उत्पादों में दुकानें बडे शौरूम की तरह खुल गई हैं। इनमें सबसे अधिक मांग गौमूत्र की है !

ताजा गौमूत्र के सेवन के लिए सुबह गौशाला पहुंचते हैं लोग

पथमेडा गौशाला, जयपुर की दुर्गापुरा गौशाला और नागौर की श्रीकृष्ण गोपाल गौशाला से तो गौमूत्र विदेशों में भी भेजा जा रहा है। गौशाला प्रबंधन से जुडे लोगों का कहना है कि, पिछले कुछ समय से ग्राहकों की संख्या बढी है। गौमूत्र के साथ ही दुकानों पर डायबीटीज, पेट और मोटापा कम करने की औषधियां भी गौ उत्पादों से बन रही है। गौशालाओं में सुबह-सुबह ५ से ६ बजे के बीच बडी संख्या में लोग हाथ में गिलास या कटोरी लेकर ताजा गौमूत्र पीने के लिए पहुंचते है !

पथमेडा गौशाला के सेवक रामकृष्ण का कहना है कि, देशी गाय के गौमूत्र से कई रोगों का इलाज स्वत: ही हो जाता है ! योगाचार्य ढाकाराम का कहना है कि, गौमूत्र अमृत की तरह होता है। निरोगी काया के लिए इससे उत्तम अन्य कोई औषधी नहीं है !

जयपुर में दुर्गापुरा गौशाला में काम करनेवाले लोगों ने बताया कि, गौमूत्र का उपयोग अन्य कई कार्यो में किया जाता है। कुछ लोग खाना पकाने में पानी के स्थान पर गौमूत्र का उपयोग कर रहे हैं ! इस गौशाला से प्रतिदिन करीब दो हजार लीटर गौमूत्र तैयार हो रहा है। इस गौमूत्र को गर्म करने के बाद अमोनिया निकाल कर पैक करके बाजार में बेचा जा रहा है। यहां का गौमूत्र स्थानीय मार्केट के अलावा विदेशों में भी बिकने के लिए जा रहा है !

राज्य में कृषि विभाग के प्रमुख सचिव नरेश पाल गंगवार का कहना है कि, गौमूत्र की बिक्री के साथ ही गाय पालनेवालों की संख्या में भी बढोतरी हुई है। गाय के दूध के साथ ही गौमूत्र और इससे बननेवाली औषधियों की डिमांड भी बढी है। नागौर की श्रीकृष्ण गौशाला और एशिया की सबसे बडी पथमेडा गौशाला ने आसपास के किसानों को गौमूत्र के माध्यम से रोजगार दे रखा है। किसान गौमूत्र इकठ्ठा करके इन गौशालाओं में बेचते है। इसके बाद गौशाला मार्केट में बेचती है !

सरकार गौशालाओं का पंजीकरण बढाने में जुटी

राज्य के गौपालन मंत्री प्रमोद जैन भाया ने बताया कि, राज्य में करीब चार हजार गौशालाएं हैं। इनमें से १३६३ गौशालाएं गोपालन विभाग में पंजीकृत हैं। पंजीकृत गौशालाओं को सरकारद्वारा अनुदान दिया जाता है। उन्होंने बताया कि, गौसंरक्षण को बढावा देने के लिए सरकार गौ उत्पादों की बिक्री बढाने को लेकर भी जागरूकता अभियान चला रही है ! उन्होंने बताया कि, गौशालाओं का पंजीकण बढाने को लेकर अधिकारियों से कहा गया है।

स्त्रोत : जागरण

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