बसपा सुप्रीमो मायावती के भाई की ४०० करोड रुपए की बेनामी संपत्ति जब्त

आनंद कुमार के खिलाफ बेनामी संपत्ती की जानकारी मिली थी, जिसके बाद वर्ष २०१७ में आयकर विभाग ने उनसे पूछताछ की थी !

आयकर विभाग ने गुरुवार को बेनामी संपत्ति के खिलाफ बडी कार्रवाई करते हुए नोएडा में ४०० करोड रुपए की संपत्ति जब्त की है। बताया जा रहा है कि, यह संपत्ति बसपा सुप्रीमो मायावती के भाई आनंद कुमार और उनकी पत्नी की है ! आयकर विभाग ने नोएडा में २८ हजार वर्ग मीटर की जमीन भी सील की है, जिसकी सरकारी कीमत ४०० करोड रुपये आंकी गई है। लेकिन, अगर मार्केट प्राइस की बात करें तो इसकी कीमत कई गुना ज्‍यादा होने की संभावना है !

गौरतलब है कि आनंद कुमार के खिलाफ बेनामी संपत्ति की जानकारी मिली थी, जिसके बाद २०१७ में आयकर विभाग ने उनसे पूछताछ की थी। आयकर विभाग के अनुसार आनंद कुमार ने देहली के व्यवसायी एसके जैन के सहयोग से कई हजार करोड की बेनामी संपत्ति जुटाई थी। इस मामले में एसके जैन को बोगस कंपनी मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने गिरफ्तार कर लिया था।

आनंद कुमार ने वर्ष २००७ से लेकर साल २०१२ तक बेनामी संपत्ति बनाई थी। यह वही दौर था जब मायावती उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री थीं !

एक रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष २००७ से २०१२ के बीच आनंद कुमार की नेटवर्थ ७.५ करोड रुपये से बढकर १,३१६ करोड रुपये तक पहुंच गई थी ! आनंद कुमार पर आरोप लगा है कि, उन्होंने बोगस कंपनियां बनाकर कई हजार करोड की बेनामी संपत्ति बनाई ! यह भी आरोप है कि, उन्होंने नोटबंदी के दौरान इन्हीं फर्जी कंपनियों की सहायता से करोडों रुपए बदलवाए थे !

ईडी भी अब कार्रवाई की तैयारी में

आयकर विभागद्वारा की गई इस कार्रवाई के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भी कार्रवाई के तैयारी में हैं ! इस मामले में ईडी मनी लांड्रिंग मामले में केस दर्ज किया था। अब वह इसमें तेजी लाने की तैयारी कर रही है, ऐसे में आनंद कुमार पर की गई इस कार्रवाई की आंच बसपा सुप्रीमो मायावती तक भी पहुंच सकती है ! खासकर विधानसभा उपचुनाव और वर्ष २०२२ के विधानसभा चुनाव से पहले मायावती की मुश्किल और बढ सकती है !

बसपा के उपाध्यक्ष हैं आनंद कुमार

गौरतलब है कि, लोकसभा चुनाव परिणाम आने के बाद मायावती ने संगठन में फेरबदल करते हुए भाई आनंद कुमार को बसपा का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है। साथ ही आनंद कुमार के बेटे को पार्टी के नेशनल कोऑर्डिनेटर की जिम्मेदारी दी गई है। लिहाजा आनंद खिलाफ के कार्रवाई की तपिश पार्टी भी महसूस कर सकती है।

स्त्रोत : न्यूज 18

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