अखिल भारतीय हिन्दू राष्ट्र अधिवेशन का समापन दिन

कांग्रेस की स्थापना स्वतंत्रताप्राप्ति हेतु नहीं, अपितु अंग्रेजों की ‘बांटो आैर राज्य करो’ की नीति चलाने के लिए !- अनुराग पांडे, संयोजक, इंडिया विथ विज्डम, वाराणसी (उत्तर प्रदेश)

अनुराग पांडे, संयोजक, इंडिया विथ विज्डम, वाराणसी (उत्तर प्रदेश)

इतिहास का अध्ययन करने पर यह ध्यान में आता है कि मोहम्मद अली जिन्ना एवं नेहरू की कार्यपद्धति एक जैसी थी । यह कार्यशैली थी भारत को इस्लामी राष्ट्र बनाने की ! हिन्दुआें का अस्तित्व मिटाने के लिए अंग्रेजों ने कांग्रेस के माध्यम से हिन्दू संस्कृति को मिटाने का प्रयास किया । एेसा बताया जाता है कि वर्ष १८८५ में ए.आे. ह्युम ने अंग्रेज सरकार के विरुद्ध कांग्रेस की स्थापना की; परंतु यह कहना उचित नहीं है । उन्होंने अंग्रेजों की ‘बांटो आैर राज्य करो’ की नीति चलाने के लिए कांग्रेस की स्थापना की आैर सांप्रदायिक राजनीति कर वर्ष १९४७ में भारत का विभाजन करवाया । कांग्रेस की इन नीतियों के कारण ही राष्ट्रभक्त लोग कांग्रेस से दूर हो गए ।

श्री. अनुराग पांडेजी के अन्य सूत्र

१. कुछ वर्ष पूर्व संयुक्त राजनीतिक गठबंधन सरकार ने ‘केंद्रीय लक्ष्यित हिंसा कानून’ का विधेयक सदन में रखा था, जिसमें ‘कहीं भी दंगा होने पर, अल्पसंख्यक भीड का भाग नहीं होंगे (दोषी नहीं माने जाएंगे)’, एेसा प्रावधान था । इस माध्यम से हिन्दुत्व को दबाने का कांग्रेस का षड्यंत्र था; किंतु इस विधेयक का बडी मात्रा में विरोध होने के कारण यह संसद में पारित न हो सका ।

२. गत ७० वर्षाें में भारत में ‘विविधता में एकता’ होने की बात कही जाती है; परंतु वास्तविकता यह है कि आज भारतीय समाज प्रांतवाद के संघर्ष में फंसा है ।

हिन्दुत्व का नाम लेनेवाले राजनीतिक दल धर्म के लिए कार्य करने का समय आने पर डरपोक बन जाते हैं ! – जितेंद्रसिंह ठाकुर, अखिल भारत हिन्दू महासभा, मध्य प्रदेश

जितेंद्रसिंह ठाकुर, अखिल भारत हिन्दू महासभा, मध्य प्रदेश

आते-जाते हिन्दुत्व का नाम लेनेवाले राजनीतिक दल, धर्मकार्य करने का समय आने पर डरपोक बन जाते हैं । वर्तमान में, लंदन में रखी (मध्य प्रदेश) के भोजशाला की मूल सरस्वती मूर्ति को वापस लाने का भाजपा ने आश्वासन दिया था; किंतु अभी तक यह आश्वासन पूरा नहीं हुआ है । भाजपा के कार्यकाल में भोजशाला में सरस्वतीपूजन करनेवाले हिन्दुआें पर लाठियां चलीं; किंतु वहां नमाज पढने के लिए अनुमति दी गई । हम इस अधिवेशन के माध्यम से यह विश्वास दिलाते हैं कि मध्यप्रदेश में किसी भी प्रकार का धर्मविरोधी कार्य हुआ, तो हम उसका विरोध करेंगे ।

वीर सावरकरजी की कांग्रेस की आेर से की जानेवाली आलोचना आैर उनका ‘क्षमावीर’ के रूप में हुए उल्लेख का प्रतिवाद करते हुए श्री. जितेंद्र सिंह ठाकुर ने कहा, ‘‘कांग्रेस जैसे ‘गद्दार’ लोगों को वीर सावरकरजी के विषय में बोलने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है । उन्हें इस प्रकार की आलोचना करने से पहले डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर तथा इंदिरा गांधी ने वीर सावरकर के विषय में क्या कहा था, यह पढ लेना चाहिए । वास्तविकता जाने बिना आलोचना करना, उनका बौद्धिक दिवालियापन दर्शाता है ।’’

मोदी ने नथुराम गोडसे के विषय में अध्ययन क्यों नहीं किया ? – जितेंद्र सिंह ठाकुर, अखिल भारत हिन्दू महासभा, मध्य प्रदेश

वर्ष २०१९ के लोकसभा चुनाव के समय साध्वी प्रज्ञासिंह ने ‘नथुराम गोडसे देशभक्त थे’, एेसा वक्तव्य किया था । उस पर भाजपा ने साध्वी प्रज्ञासिंह को क्षमा मांगने पर बाध्य किया । तब प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था, ‘‘मैं साध्वी प्रज्ञासिंह को कभी भी मन से क्षमा नहीं कर सकूंगा ।’’ उन्होंने किस स्थिति में गांधीवध किया, इसे अब जनता जानकर ले रही है आैर जागृत भी हो रही है; किंतु मोदी, भाजपा आैर बडे हिन्दुत्वनिष्ठ संगठनों ने उनका अध्ययन ही नहीं किया है, यही दिखाई देता है ।’’

सनातन संस्था ही हिन्दू राष्ट्र स्थापना कर सकती है एेसा विश्वास होता है ! – जितेंद्र सिंह ठाकुर, अखिल भारत हिन्दू महासभा, मध्य प्रदेश

सनातन संस्था राष्ट्रभक्तों का सत्य इतिहास आैर जानकारी समाज के सामने रख रही है । केवल सनातन संस्था ही हिन्दू राष्ट्र स्थापना कर सकती है, इसके प्रति मैं आश्वस्त हूं आैर इस कार्य में सनातन संस्था को जो सहयोग देना पडेगा, उसे हम देंगे ।

स्वरक्षा की पद्धतियां नष्ट होती जा रही हैं ! – श्री. प्रकाश सिंह, प्रतापगढ (उत्तरप्रदेश)

श्री. प्रकाश सिंह, प्रतापगढ (उत्तरप्रदेश)

आगामी युद्धकाल में स्वयं की रक्षा हेतु स्वरक्षा की पद्धतियां ज्ञात होना आवश्यक है; परंतु आज लाठी चलाना, शस्त्रात्र चलाना जैसी कलाएं नष्ट होती जा रही हैं । व्यक्ति यदि संस्कारित हो, तो इन पद्धतियों आैर शस्त्रों का दुरुपयोग नहीं हो सकता । स्वरक्षा हेतु सरकार द्वारा अनुज्ञापित शस्त्र रखने पर कुछ लोग उसपर आपत्ति जताते हैं; किंतु व्यक्ति को दुर्बल बनानेवाले भ्रमणभाष रखने पर कोई आपत्ति नहीं जताता । आज हिन्दुत्व की भावना अल्प होने से धर्म संकट में आ गया है ।

पाकिस्तान से भारत आनेवाले शरणार्थी हिन्दुआें के लिए हिन्दू महासभा प्रतिबद्ध ! – श्री. वीरेश त्यागी, कार्यालय मंत्री, हिन्दू महासभा

श्री. वीरेश त्यागी, कार्यालय मंत्री, हिन्दू महासभा

हिन्दू महासभा के कार्यालयमंत्री श्री. वीरेश त्यागी ने महासभा की आेर से राष्ट्रीय स्तर पर किए जा रहे कार्य के विषय में सभी को अवगत कराया । उन्होंने कहा, ‘‘हिन्दू महासभा उत्तर भारत में होनेवाली कावड यात्रा में आनेवाले हिन्दुआें को आवश्यक सभी सुविधाआें की आपूर्ति करती है । हिन्दू महासभा आनेवाले समय में ‘जिन हिन्दुआें को अमरनाथ यात्रा के लिए जाने की इच्छा है, उनका पंजीकरण करना तथा अन्य आवश्यक सभी सहायता करेगी । पाकिस्तान से भारत आनेवाले शरणार्थी हिन्दुआें को जीवनावश्यक सुविधाएं देने हेतु हिन्दू महासभा कार्य करती है । कुछ दिन पूर्व पाकिस्तान से भारत आनेवाले हिन्दुआें के लिए विजा का शुल्क ५०० रुपए से बढाकर २.५ सहस्र रुपए किया गया । इसके विरुद्ध आंदोलन चलाए जाने पर यह निर्णय रद्द किया गया ।’’

श्री. त्यागी ने लव जिहाद की घटनाएं, साथ ही पुलिस एवं प्रशासन की आेर से धर्मांधों के विरुद्ध कार्यवाही करने में की जानेवाली टालमटोल का संगठितरूप से प्रतिकार करने का आवाहन किया ।

श्रीराम सेना के अध्यक्ष श्री. प्रमोद मुतालिक तथा नेपाल के पूर्व राजगुरु डॉ. माधव भट्टराय द्वारा वीडियो के माध्यम से अधिवेशन के लिए शुभकामनाएं !

श्रीराम सेना के अध्यक्ष श्री. प्रमोद मुतालिक को गोवा में प्रवेश करने पर प्रतिबंध होने से आैर नेपाल के पूर्व राजगुरु डॉ. माधव भट्टराय अधिवेशन की अवधि में विदेश होने से अधिवेशन में उपस्थित नहीं रह सके थे । इसलिए उनके द्वारा अधिवेशन के लिए वीडियो के माध्यम से दिया गया संदेश दिखाया गया ।

हिन्दू राष्ट्र स्थापना हेतु युवकों को तैयार करने का एेतिहासिक संकल्प लें ! – प्रमोद मुतालिक, अध्यक्ष, श्रीराम सेना, कर्नाटक

विगत ७ वर्षाें से आयोजित किए जा रहे हिन्दू राष्ट्र अधिवेशन में जो संख्यात्मक एवं वैचारिक गुणवत्ता बढ रही है; उसके कारण हिन्दुआें में संगठितभाव, विश्वास आैर शक्ति उत्पन्न हो रही है । हमें परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजी के आशीर्वाद एवं मार्गदर्शन प्राप्त हो रहा है । इसलिए अब अपने-अपने क्षेत्र में उसका क्रियान्वयन करना, हमारा कर्तव्य है । परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजी द्वारा बताए जाने के अनुसार वर्ष २०२३ में हिन्दू राष्ट्र की स्थापना होने ही वाली है । हमें केवल हिन्दू राष्ट्र स्थापना की सिद्धता करनी है । इसके अंतर्गत हिन्दू धर्मपर हो रहे विविध आघातों को रोकने हेतु अपने-अपने संगठनों में जागृति लाना, उनके कार्य को गति प्रदान करना, संगठनों का विस्तार करना आैर कार्यकर्ताआें में क्षात्रतेज उत्पन्न करना यह हमारा दायित्व है । हिन्दू राष्ट्र तो निश्चितरूप से आकर रहेगा; परंतु उसके लिए कडी मेहनत करना हमारा कर्तव्य है । हमें हिन्दू राष्ट्र के लिए जीना है आैर आवश्यकता पडनेपर प्राणों का भी बलिदान देना है । इस अधिवेशन में इस कार्य के लिए युवकों को सिद्ध करने का एेतिहासिक संकल्प लें । इस कार्य में ईश्वर हमारे साथ हैं ।

हाल ही में संपन्न लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी को बडी विजय मिली । भोपाल चुनाव क्षेत्र से साध्वी प्रज्ञासिंह को विजय मिलना अत्यंत महत्त्वपूर्ण है । उनकी विजय तो संत, हिन्दुत्व आैर हिन्दू धर्म की विजय है । उनकी इस विजय से ‘हिन्दू आतंकवाद’ का आक्रोश करनेवालोंपर प्रहार हुआ है । इस विश्व में केवल एकमात्र ‘जिहादी आतंकवाद’ का ही अस्तित्व है । इस विषय में समाज में जागृति लाना आवश्यक है । हमें इस चुनौती का सामना करना है ।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने चेतावनी देते हुए कहा है कि भारत में मुसलमानों की संख्या बढकर वर्ष २०५० में भारत ‘इस्लामी देश’ बन जाएगा । हिन्दुआें को इस चेतावनी को गंभीरता से लेना है । भारत को इस्लामी देश बनने से रोकने हेतु सरकारपर दबाव बनाए जानेकी आवश्यकता है । इसलिए मोदी सरकार से मुसलमानों की बढती जनसंख्यापर रोक लगाने हेतु तथा उनके समुदाय में स्थित बहुपत्नीत्व के कानून को रद्द करने की मांग की जानी चाहिए ।

भाजपा के राज्य में हिन्दू संगठनपर प्रतिबंध लगाया जाना संविधान का अनादर ! – प्रमोद मुतालिक, अध्यक्ष, श्रीराम सेना, कर्नाटक

गोवा शासन द्वारा मेरे गोवा राज्य में प्रवेश करनेपर प्रतिबंध लगा देने से मैं इस अष्टम अखिल भारतीय हिन्दू राष्ट्र अधिवेशन में उपस्थित नहीं रह सका । गोवा राज्य में भाजपा का शासन होते हुए भी एक हिन्दू संगठन को रातोंरात प्रवेशबंदी की जाना दुर्भाग्यजनक है । यह डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर द्वारा लिखे गए संविधान का अनादर है ।

भारत आैर नेपाल में निश्चितरूप से हिन्दू राष्ट्र की स्थापना होगी ! – डॉ. माधव भट्टराय, पूर्व राजगुरु, नेपाल

‘यह अधिवेशन सफल हो’, यह ईश्वर के चरणों में प्रार्थना करता हूं । भले ही मैं इस अधिवेशन में उपस्थित नहीं हूं; किंतु मैं मन से गोवा के सनातन आश्रम में ही हूं । इस ‘अष्टम अखिल भारतीय हिन्दू राष्ट्र अधिवेशन’ में जो प्रस्ताव पारित किए जाएंगे, उसके लिए मेरा समर्थन है आैर उनके क्रियान्वयन हेतु मैं कार्यरत रहूंगा । सनातन हिन्दू धर्म प्राचीन एवं वैज्ञानिक धर्म है । संपूर्ण विश्व में धर्म का मूल्य पहुंचाने हेतु हम सभी प्रतिबद्ध हैं ।

नेपाल के ९० से ९५ प्रतिशत लोग हिन्दू हैं; किंतु कुछ निधर्मीवादियों ने नेपाल को धर्मनिरपेक्ष घोषित किया है । हम नेपाल को पुनः ‘हिन्दू राष्ट्र’ घोषित करने हेतु प्रतिबद्ध हैं आैर हम इसे करके ही दिखाएंगे’, यह मेरा विश्वास है । परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजी एवं धर्मप्रेमियों के कारण यह निश्चितरूप से होगा । हिन्दू राष्ट्र स्थापना के कार्य में सदैव आपके साथ हूं आैर सदैव कार्यरत भी रहूंगा ।’’

क्षणिका : श्री. प्रमोद मुतालिक एवं डॉ. माधव भट्टराय के उद्बोधन के पश्चात धर्मप्रेमियों ने उत्स्फूर्तता के साथ ‘अब एक ही लक्ष्य एक ही ध्येय, हिन्दू राष्ट्र हिन्दू राष्ट्र’, ‘हर हर महादेव’ की घोषणाएं कीं ।

हिन्दू राष्ट्र स्थापना का लक्ष्य पूर्ण करने हेतु ‘हिन्दू राष्ट्र-संपर्क अभियान’ ! – मनोज खाडये, पश्चिम महाराष्ट्र एवं गुजरात समन्वयक, हिन्दू जनजागृति समिति

मनोज खाडये, पश्चिम महाराष्ट्र एवं गुजरात समन्वयक, हिन्दू जनजागृति समिति

भारतभर में अनेक हिन्दू राष्ट्रप्रेमी व्यक्ति तथा संगठन कार्यरत हैं । एेसे धर्मप्रेमियों को खोजकर उनसे संपर्क की दृष्टि से ‘हिन्दू जनजागृति समिति’ ने पिछले वर्ष के जनवरी से आजतक ‘हिन्दू राष्ट्र-संपर्क अभियान’ चलाया । संगठन के परे जाकर अंतिम लक्ष्य अर्थात हिन्दू राष्ट्र का लक्ष्य प्राप्त करने हेतु आप सभी के सहयोग से समस्त भारतवर्ष में आनेवाले संपूर्ण वर्ष में इस अभियान को चलाना प्रस्तावित है ।

आनेवाले समय में अधिक प्रभावशाली पद्धति से उद्योगपतियों का संगठन खडा करना है ! – पू. प्रदीप खेमकाजी, मार्गदर्शक, उद्योगपति परिषद

गोवा के सप्तम अखिल भारतीय हिन्दू राष्ट्र अधिवेशन में ‘उद्योगपति परिषद’ की स्थापना की गई । इस ‘उद्योगपति परिषद द्वारा समाज, राष्ट्र एवं धर्म के लिए त्याग की सिद्धतावाले देशभर के व्यावसायी, व्यापारी एवं उद्योगपतियों का क्रियाशील संगठन खडा किया जा रहा है । हमें आनेवाले समय में समाज में उद्योगपति संपर्क अभियान चलाकर उसे अधिक शक्तिशाली बनाना है । कालमहिमा के अनुसार वर्ष २०२३ में भारत में हिन्दू राष्ट्र की स्थापना होने ही वाली है । हम यदि आनेवाले ४ वर्ष के इस संधिकाल में हिन्दू राष्ट्र स्थापना के कार्य में तन-मन-धन से सहभागी होकर धर्मसंस्थापन के लिए कार्य किया, तो उससे हमारी साधना होगी ।

Related Tags

श्रीराम सेनाहिन्दुत्वनिष्ठ संगठनहिन्दू अधिवेशनहिन्दू जनजागृति समितिहिन्दू महासभा

Notice : The source URLs cited in the news/article might be only valid on the date the news/article was published. Most of them may become invalid from a day to a few months later. When a URL fails to work, you may go to the top level of the sources website and search for the news/article.

Disclaimer : The news/article published are collected from various sources and responsibility of news/article lies solely on the source itself. Hindu Janajagruti Samiti (HJS) or its website is not in anyway connected nor it is responsible for the news/article content presented here. ​Opinions expressed in this article are the authors personal opinions. Information, facts or opinions shared by the Author do not reflect the views of HJS and HJS is not responsible or liable for the same. The Author is responsible for accuracy, completeness, suitability and validity of any information in this article. ​