भ्रष्टाचार में तमिलनाडू अव्वल, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश भी पीछे नहीं !

नर्इ देहली : सेंटर फॉर मीडिया स्टडीज (सीएमएस) की हालिया रिपोर्ट में कहा गया है कि, देश का सबसे भ्रष्ट राज्य तेलंगाना और आंध्र प्रदेश है। सीएमएस  इंडिया करप्शन स्टडी २०१८ के अनुसार तेलंगाना देश का दूसरा जबकि आंध्र प्रदेश चौथा भ्रष्ट राज्य है। अमर उजाला की  रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि इन राज्यों में भ्रष्टाचार से निपटने के लिए बहुत कम कदम उठाए गए हैं। सीएमएस इंडिया के आलोक श्रीवास्तव ने बताया कि सभी राज्यों में किए गए अध्य्यन का १२ वां दौर है। कौन कितना भ्रष्ट राज्य है इसके लिए टीम ने कई मापदंड बनाए थे। हमारे मापदंडों में भ्रष्ट राज्यों में सबसे भ्रष्ट तमिलनाडु है और वह पहले स्थान पर है।

श्रीवास्तव ने बताया, हमारी सूचि में जिन राज्यों को भ्रष्टता के मामले में सबसे अधिक अंक मिले  हैं उनके पास भ्रष्टाचार से लड़ने के लिए कोई मजबूत तंत्र मौजूद नहीं है। इन कमजोर राज्यों की सूची में तेलंगाना और आंध्र प्रदेश आते हैं, जहां बेहतर अमल की जरूरत है। इसके अलावा पंजाब और गुजरात भी कमजोर राज्यों की श्रेणी में हैं। वहीं राजस्थान, कर्नाटक और दिल्ली की पहचान मध्यम राज्यों के तौर पर हुई है।

इस अध्ययन से यह भी पता चला है कि महाराष्ट्र, दिल्ली, गुजरात और बिहार के नागरिक आवाज बुलंद करने में काफी सक्रिय रहते हैं वहीं आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में समाज बहुत कम भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाते हैं।

अध्ययन के दौरान तेलंगाना के ७३ प्रतिशत लोगों ने बताया कि उन्होंने पिछले एक साल के दौरान सार्वजनिक सेवाओं के लिए अधिकारियों को घूस दी है। व्यापक तौर पर पूरे देश के ७५ प्रतिशत घरों ने कहा कि सार्वजनिक सेवाओं में एक साल के दौरान भ्रष्टाचार या तो बढ़ा है या फिर पहले जितना ही है। हालांकि जब २००५ की सार्वजनिक सेवाओं के आंकड़ों से इसकी तुलना की गई तो आधे घरों ने माना कि उन्होंने घूस दी है।

बता दें कि सबसे ज्यादा भ्रष्टाचार स्वास्थ्य, हॉस्पिटल, पुलिस, हाउसिंग, ट्रांसपोर्ट सर्विस सहित पुलिस जमकर वसूली करते हैं। वहीं बातचीत के दौरान सात फीसदी लोगों ने बताया कि उन्होंने आधार कार्ड बनवाने के लिए और तीन फीसदी लोगों ने  मतदाता पहचान पत्र बनाने के लिए भी घूस दी है। श्रीवास्तव ने यह भी बताया कि ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने से लेकर एफआईआर रजिस्टर कराने तक के लिए लोगों को घूस का सहारा लेना पड़ता है।

इस घटना से यह पता चलता है कि, भ्रष्टाचार की जड किस हद तक पहुंच गर्इ है । जनता की रक्षा करनेवाले रक्षक ही पैसा खानेवाले भक्षक बन गए है ।

समाज में धर्मशिक्षा के अभाव के कारण आज संपूर्ण देश में भ्रष्टाचार पनप रहा है। यदि हम इसका मूल कारण खोजते है, तो हमें ध्यान में आता है कि, बढते भ्रष्टाचार का मूल कारण नैतिकता का अभाव ही है । सभी में नैतिकता का उदय होने के लिए धर्मशिक्षा यही एकमात्र उपाय है । इसी के साथ सभी को संगठित होकर विश्वकल्याण हेतु सात्त्विक व्यक्तियोंद्वारा चलाए जानेवाले सनातन धर्मराज्य अर्थात हिन्दू राष्ट्र की स्थापना हेतु प्रयास करने चाहिए ।

आप क्या कर सकते है ?

१. एक जागरूक तथा देशप्रेमी नागरिक बने । स्वयं भ्रष्टाचार ना करे तथा अन्य कोर्इ भ्रष्टाचार करते हुए दिखार्इ दे, तो उसका विरोध करने का प्रयास करे ।

२. स्वयं भी धर्मशिक्षा ले तथा अन्यों को भी इस विषय का ज्ञान दे । हिन्दू जनजागृति समिति की आेर से हिन्दूआें को धर्मशिक्षा मिले इस हेतु से धर्मशिक्षा वर्ग का आयोजन किया जाता है । इस विषय में आप हमें [email protected] पर संपर्क कर सकते है ।

३. धर्मशिक्षा के विषय में विस्तृत लेख आप यहां पढ सकते है आैर उसे अपने मित्र-परिवार को शेअर भी कर सकते है : https://www.hindujagruti.org/hindi/hinduism

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हिन्दू राष्ट्र की स्थापना हेतु
सप्तम ‘अखिल भारतीय हिन्दू अधिवेशन’

२ जून से ८ जून के उद्बोधन सत्र अवश्य देखें