त्यौहार

दशहरा अर्थात विजयादशमी संबंधित अध्यात्मशास्त्रीय जानकारी

दशमीकी तिथिपर ये दिशाएं देवीमांके नियंत्रणमें आ जाती हैं अर्थात दिशाओंपर विजय प्राप्त होती है । इसी कारण इसे ‘दशहरा’ कहते हैं । दशमीके दिन विजयप्राप्ति होनेके कारण इस दिनको ‘विजयादशमी’ के नामसे भी जानते हैं । त्रेतायुगमें रामचंद्रने रावणपर विजयप्राप्तिके पश्चात इसी दिन उनका वध किया । Read more »

नागपंचमी

श्रावण शुक्ल पंचमीके दिन नागपंचमीका त्यौहार मनाया जाता है । इस दिन नागपूजा करनेकी परंपरा है । प्राचीन कालसे ही हिंदु धर्ममें नागपूजाके संदर्भमें उल्लेख पाया जाता है, जो भारतके विभिन्न क्षेत्रोंमें की जाती है । नागपंचमी संपूर्ण भारतमें मनाया जानेवाला त्यौहार है । Read more »

नारियल पूर्णिमा

नारियल पूर्णिमा प्राकृतिक परिवर्तनपर आधारित त्यौहार है । वर्षाकालके आरंभमें प्रथम दो महीने समुद्री व्यापार अथवा समुद्री-यात्रा करना संभव नहीं होता है । परंतु श्रावण पूर्णिमाके कालमें वर्र्षाका परिमाण घटता है । Read more »

रक्षाबंधन

रक्षाबंधन अर्थात राखीका त्यौहार । यह भाई-बहनका त्यौहार है । यह त्यौहार श्रावण पूर्णिमाके दिन मनाया जाता है । Read more »

अधिकमास

ऋतु सौरमास के अनुसार (सूर्य की गति पर) निर्भर किए गए हैं । चांद्रवर्ष के ३५४ दिन तथा सौरवर्ष के ३६५ दिन रहते हैं । अर्थात् इन दो वर्षों में ११ दिनों का अंतर रहता है । इस अतरं को मिटाने के लिए, साथ ही चांद्रवर्ष एवं सौरवर्ष का हिसाब ठीक से हो, इसलिए स्थूलरूपसे लगभग ३२ (साढेबत्तीस) मास के पश्चात् एक अधिकमास आता है । स्पष्टरूप से २७ से ३५ मासों के पश्चात् अधिकमास आता है । Read more »

हनुमान जयंती

हनुमानजीका जन्म त्रेतायुगमें चैत्र पूर्णिमाकी पावन तिथिपर हुआ । तबसे हनुमान जयंतीका उत्सव मनाया जाता है । इस दिन हनुमानजीका तारक एवं मारक तत्त्व १ सहस्र गुना अधिक कार्यरत होता है । Read more »

रथसप्तमी

भारतीय संस्कृति सबके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करना सिखाती है । उस अनुषंग से सूर्यदेवता के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने हेतु `रथसप्तमी’ का त्यौहार मनाया जाता है । इस दिन सूर्योपासना करनी चाहिए । सनातन की साधिका कु. मधुरा भोसले को रथसप्तमी और सूर्य के विषय में ईश्वर से प्राप्त जानकारी निम्नांकित है । Read more »

भाद्रपद शुक्ल पंचमी अर्थात् ऋषिपंचमी

हमारा देश ऋषियों-मुनियों एवं संत महात्माओंका देश है, जिन्होंने तपस्यासे पवित्र हुए ज्ञानसे न केवल आध्यात्मिक शक्तिकी ज्योति जलाई अपितु अपने श्रेष्ठ मर्यादित शील, आचरण, अहिंसा, सत्य, परोपकार, त्याग, ईश्वरभक्ति आदिके द्वारा समस्त मानव जातिके समक्ष जीवन जीनेका एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया । Read more »

मकर संक्रांति

इस दिन सूर्यका मकर राशिमें संक्रमण होता है । संक्रांतिको देवता माना गया है । मकरसंक्रांतिसे रथसप्तमीतकका काल पर्वकाल होता है । इस पर्वकालमें किया गया दान एवं पुण्यकर्म विशेष फलप्रद होता है । Read more »

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