श्रीरामजन्मभूमि

श्रीरामजन्मभूमि के साथ न्याय हुआ !

हिन्दू जनजागृति समिति ने कहा है कि हमारी न्याय देवता के प्रति श्रद्धा है । हिन्दू समाज की कई पीढियां, सैकडों वर्ष से जिस न्याय की प्रतीक्षा में थीं, आज उस श्रीरामजन्मभूमि के साथ न्याय हुआ है । हमारी यह भावना है कि प्रभु श्रीरामचंद्रजी ने हमें यह न्याय दिलाया है । इस निर्णय का श्रेय मंदिर हेतु अखंड संघर्ष जारी रखनेवाले हिन्दू पूर्वज, अपना बलिदान देनेवाले साधु-संत, कारसेवक एवं न्यायालय में मंदिर का उचित पक्ष रखनेवाले अधिवक्ताआें को भी दिया जाना चाहिए ।

निर्धारित समयसीमा में निर्णय देने के लिए माननीय सर्वोच्च न्यायालय के प्रति आभारी हैं; किंतु साथ ही हमें इस बात पर खेद होता है कि एक ओर देश में सभी लोग शांति बनाए रखने का आवाहन कर रहे हैं, तो दूसरी ओर यह निर्णय देनेवाले न्यायाधीशों की सुरक्षा बढानी पड रही है । सुन्नी वक्फ बोर्ड को मस्जिद निर्माण के लिए अयोध्या के मुख्य स्थान पर 5 एकर भूमि प्रदान करने का निर्णय प्राथमिक दृष्टि से अनाकलनीय लगता है; किंतु उसकी अपेक्षा आज हमें जो आनंद मिला है, वह कई गुना महत्त्वपूर्ण है । हमारी न्यायालय के प्रति श्रद्धा है । इसके आगे काशी एवं मथुरा जैसे अन्य मंदिरों के प्रकरण में भी हमें शीघ्र न्याय मिलेगा ।

‘राममंदिर’ शब्द का उच्चार करते ही हिन्दुआें में चेतना और उत्साह का संचार होने लगता है । ‘राममंदिर’ हिन्दुआें की अस्मिता से जुडा विषय है । १६ वीं शताब्दी में मुसलमान आक्रांता बाबर के सेनापति मीर बांकी ने अयोध्या में राममंदिर तोडकर वहां मसजिद बनवाई । पश्‍चात, हिन्दुआें ने रामजन्मभूमि को मुगलों से मुक्त करने के लिए बहुत लंबी लडाई लडी ! रामजन्मभूमि मुसलमानों से मुक्त हो और वहां भव्य राममंदिर बने’, इसके लिए हिन्दू सैकडों वर्ष से लड रहे हैं । भाजपा के सत्ता में आने पर हिन्दुआें की आशा जगी कि अब राममंदिर अवश्य बनेगा । परंतु, इस विषय में भाजपा सरकार की नकारात्मक भूमिका से हिन्दू निराश हुए हैं । किंतु, संत-महंतों की हुंकार से हिन्दुआें में पुनः आशा का संचार हुआ है । रामजन्मभूमि हिन्दुआें की है, इस ऐतिहासिक सत्य को कोई नकार नहीं सकता । अब हिन्दू समय की पदचाप सुनें और किसी राजनीतिक दल पर आश्रित न रहकर, प्रभावी संगठन बनाएं, तभी राममंदिर बन पाएगा !

राम मंदिर की वार्ता >>

राममंदिर हेतु हिन्दू जनजागृति समिति का योगदान !

राममंदिर के विषय में मिले प्रमाण

 

राममंदिर के विषय में ढेरों प्रमाण उपलब्ध होने पर भी, हिन्दूबहुल भारत में हिन्दुआें को रामजन्मभूमि पर अपना अधिकार नहीं मिल रहा है ! यह अधिकार पाने के लिए हिन्दू राष्ट्र की स्थापना करनी पडेगी !

सागर पर सेतु बांधनेवाले वानरों के समान भावभक्ति होने पर ही हिन्दुआें को राममंदिर निर्माण के लिए बल मिलेगा !

किसी भी कार्य की सफलता के लिए आध्यात्मिक ऊर्जा आवश्यक होती है । बडे हिन्दुत्वनिष्ठ संगठनों ने अबतक अध्यात्म, साधना की उपेक्षा ही की है । इसलिए, आज केवल राममंदिर निर्माण के लिए नहीं, अपितु अन्य अनेक आघातों से भी हिन्दुआें को जूझना पड रहा है ! राममंदिर के लिए वर्षों लडने पर भी यह आंदोलन सफल क्यों नहीं हुआ ?’ इस विषय पर चिंतन करने का समय हिन्दुआें को मिला है । राममंदिर निर्माण का स्वप्न पूरा होने के लिए हिन्दुआें को प्रभु श्रीरामचंद्र की शरण में जाकर उनसे राममंदिर निर्माण के लिए बल मांगना आवश्यक है ! राममंदिर निर्माण के लिए श्रीराम हमें शक्ति और भक्ति प्रदान करें, यह उनसे प्रार्थना है !


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