| दिन ९.३० से १०.३० | सूत्रसंचालन एवं चर्चासत्रका सारांश |
| दिन १०.३० से ११.३० | हिंदूविरोधी दंगे एवं रक्षाके उपाय |
| दिन ११.३० से १२.३० | हिंदुओंको स्वरक्षा प्रशिक्षण देनेकी दृष्टिसे प्रयास |
| दोपहर १२.३० से १.५० | भोजन एवं प्रदर्शनीका अवलोकन |
| दोपहर १.५० से २.०० | सूचना |
| दोपहर २.०० से २.३० | हिंदुओंकी रक्षाके लिए प्रभावी उपाय : ‘हिंदू हेल्पलाईन’ - प्रदीश विश्वनाथ, केरल हिंदू हेल्पलाईन |
| दोपहर २.३० से ३.०० | आपात्कालमें हिंदुओंकी रक्षा हेतु हिंदूसंगठन कैसे करें ? |
| दोपहर ३.०० से ४.३० | धर्मरक्षाके लिए प्रभावी कार्य कैसे करें ? १. ‘धर्म-परिवर्तन’ कैसे रोकें ? २. कॉन्वेंट विद्यालयोंमें हिंदू विद्यार्थियोंपर होनेवाले अत्याचार एवं टाई संस्कृतिपर प्रतिबंध ३. पश्चिमी ‘डे’ प्रथापर प्रतिबंध ४. देवताओंका अनादर एवं हिंदु धर्म, धर्मग्रंथ, संत आदिकी निंदा ५. बांगवाले भोंगोका ध्वनिप्रदूषण |
| दोपहर ४.३० से ५.२० | चाय एवं अल्पाहार |
| दोपहर ५.२० से ५.३० | सूचना |
| सायं. ५.३० से ६.०० | हिंदुओंका प्रसारमाध्यम (मिडिया) व्यवस्थापन कैसा होना चाहिए ? |
| सायं. ६.०० से ६.३० | हिंदूसंगठन एवं धर्मजागृतिके कुछ विशिष्ट उपक्रम (धर्मसभा, धर्मजागृतिपर प्रदर्शनी, धर्मसत्संग, बालसंस्कारवर्ग एवं जालस्थल) |
| सायं. ६.३० से ७.०० | इतिहासका विकृतिकरण रोकनेके प्रयास |
| रात्रि ७.०० से ८.३० | चर्चासत्र १. हिंदूसंगठनके प्रयास २. हिंदू समाजको स्वरक्षा प्रशिक्षण, प्रथमोपचार प्रशिक्षण देनेकी दृष्टिसे प्रयास ३. धर्मरक्षाके लिए प्रभावी कार्य करनेकी दृष्टिसे प्रयास |